Sharad Purnima Puja Vidhi: कोजागिरी पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा की पूजा विधि

कोजागिरी पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा की पूजा विधि

Sharad Purnima Puja Vidhi: शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) को ‘कोजागर पूर्णिमा’ या कोजागिरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। बता दें, वाल्मीकि जयंती शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के दिन मनाई जाती है।

शरद पूर्णिमा की पूजा विधि (Sharad Purnima Puja Vidhi)

  • शरद पूर्णिमा के दिन, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें और पूरे दिन उपवास करने का संकल्प लें।
  • इसके बाद पीतल, चांदी, तांबे या सोने से बनी लक्ष्मी की मूर्ति को मंदिर या घर के पूजा स्थल में कपड़े से ढंक दें।
  • माता की ढकी हुई प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं।
  • अब मां को हाथ में फूल लेकर बुलाएं।
  • मां की मूर्ति को पंचामृत चढ़ाएं और फिर शुद्ध जल चढ़ाएं।
  • फिर मां को फूल, ऋतुफल और नैवेद्य चढ़ाएं और उनकी आरती उतारें।
  • शाम को दूध से बनी खीर तैयार करें।
  • इसके बाद यदि रात में चंद्रोदय हो तो घर में घी के 11 दीपक जलाएं।
  • अब आसमान में चांद की रोशनी के नीचे खीर रखें।
  • इसके बाद माता लक्ष्मी की आरती करें।
  • रात के 12 बजे, सबसे पहले लक्ष्मी को चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर अर्पित करें।
  • अब इस खीर को घर के सभी लोगों को प्रसाद के रूप में वितरित करें।
  • आपको प्रसाद भी लेना चाहिए और व्रत का पालन करना चाहिए।
  • इस पूर्णिमा के दिन रात्रि जागरण किया जाना चाहिए।

Related Posts

Popular News