Nissar Ahmed Death: पद्म श्री निसार अहमद का 84 वर्ष की उम्र में निधन

प्रख्यात कवि और कन्नड़ लेखक पद्म श्री के एस निसार अहमद का रविवार 3 मई को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। निसार अहमद अस्वस्थ और अस्पताल में भर्ती थे। रविवार को निसार अहमद ने बेंगलुरु में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। निसार अहमद का जन्म देवनहल्ली, मैसूरु में 5 फरवरी, 1936 को हुआ था। निसार अहमद भूविज्ञान में स्नातकोत्तर थे और प्रसिद्ध कवि कुवेम्पु से परिचित होने से पहले गुलबर्गा में मैसूर माइंस एंड जियोलॉजी में सहायक भूविज्ञानी के रूप में काम करते थे।

उनकी उल्लेखनीय कृतियों में ‘नित्योत्सव’, ‘मनसु गाँधी बज़ारू’, ‘संजी ऐदारा नर’ और ‘मानदंडो माथुकथा’ प्रमुख हैं। निसार अहमद प्रमुख रूप से कई उल्लेखनीय पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता रहे हैं, पद्म श्री (2008), राज्यस्तव (1981) और पम्पा अवार्ड (2017)। निसार अहमद को कविता के लिए 1982 में कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

वर्ष 2007 में शिवमोग्गा में आयोजित कन्नड़ साहित्य सम्मेलन के लिए निसार अहमद 73 वें अध्यक्ष थे। निसार अहमद को 2010 में कुवेम्पु विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। निसार अहमद ने सेंट्रल कॉलेज, बेंगलुरु और फिर चित्रदुर्ग में भूविज्ञान में एक व्याख्याता के रूप में कार्य किया। बाद में, निसार अहमद ने 1967-72 और 1975-78 के दौरान शिवमोग्गा में सह्याद्रि फर्स्ट ग्रेड कॉलेज में भी पढ़ाया।

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